अछूत जनता!
देखो, देखो, छू मत जाना,
जनता से !
बंद कक्ष की कठिन तपस्या खंडित होगी
पोथे-पत्रे क्रांतिकारिता के सब गंदे हो जायेंगें
मंदे पड़ जायेंगें धंधे क्रान्ति- व्रांति के
सात हाथ की चौकस दूरी हरदम रहो बनाए
छाया भी न कहीं पड़ जाए...
जनता संघी, जनता पागल, जनता है बदमाश
मध्य वर्ग कैंडिलधारी है, निम्न वर्ग बकवास
दिल्ली, बंबई, बंगलोर में लघु कमरों के अंदर
पांच-पांच रहते हैं सब है अन्ना टीम के बन्दर
नौजवान-नवयुवती करते पिकनिक में आन्दोलन
तुम पवित्र अति धीर भाव करते विचार उत्तोलन
यह जनता अब काम न देगी
जनता नयी गढ़ाओ
कुछ सुमेरु कुछ मंगल ग्रह से
कुछ नेपाल से कुछ क्यूबा से
जनता मांग ले आओ
क्रान्ति की अलख जगाओ !
देखो बंधू, छू मत जाना
मत शरमाना
जनता नयी मंगाना
फिर बदलना ज़माना.
देखो, देखो, छू मत जाना,
जनता से !
बंद कक्ष की कठिन तपस्या खंडित होगी
पोथे-पत्रे क्रांतिकारिता के सब गंदे हो जायेंगें
मंदे पड़ जायेंगें धंधे क्रान्ति- व्रांति के
सात हाथ की चौकस दूरी हरदम रहो बनाए
छाया भी न कहीं पड़ जाए...
जनता संघी, जनता पागल, जनता है बदमाश
मध्य वर्ग कैंडिलधारी है, निम्न वर्ग बकवास
दिल्ली, बंबई, बंगलोर में लघु कमरों के अंदर
पांच-पांच रहते हैं सब है अन्ना टीम के बन्दर
नौजवान-नवयुवती करते पिकनिक में आन्दोलन
तुम पवित्र अति धीर भाव करते विचार उत्तोलन
यह जनता अब काम न देगी
जनता नयी गढ़ाओ
कुछ सुमेरु कुछ मंगल ग्रह से
कुछ नेपाल से कुछ क्यूबा से
जनता मांग ले आओ
क्रान्ति की अलख जगाओ !
देखो बंधू, छू मत जाना
मत शरमाना
जनता नयी मंगाना
फिर बदलना ज़माना.
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